परिजात वृक्ष पांडव की मां कुंती के नाम पर रखा गया, किन्तूर गांव, जिला मुख्यालय बाराबंकी से लगभग 38 किलोमीटर पूर्वी दिशा में है। इस जगह के आसपास प्राचीन मंदिर और उनके अवशेष हैं। यहां कुंती द्वारा स्थापित मंदिर के पास, एक विशेष पेड़ है जिसे ‘परिजात’ कहा जाता है। इस पेड़ के बारे में कई बातें प्रचलित हैं …
#ऋग्वेद का सामान्य परिचय* (१) *ऋग्वेद की शाखा :-* महर्षि #पतञ्जलि के अनुसार ऋग्वेद की २१ #शाखाएँ हैं, किन्तु #पाँच ही शाखाओं के नाम उपलब्ध होते हैं :— (१) #शाकल (२) #बाष्कल (३) #आश्वलायन (४) #शांखायन (५) #माण्डूकायन संप्रति केवल शाकल शाखा ही उपलब्ध है ! ऋग्वेद के #ब्राह्मण (१) #ऐतरेय ब्राह्मण (२) #शांखायन ब्राह्मण …
शिवपुराणोक्त नवधा भक्ति- भक्ति के बारे में कई ग्रन्थ अपने विचार रखते है। और शिवपुराण में भी भक्ति के बारे में बताया है। शिवपुराणोक्त नवधा भक्ति- शिव उवाच-श्रवणं कीर्तनं चैव स्मरणं सेवनं तथा।दास्यं तथार्चनं देवि वन्दनं ममसर्वदा।।सख्यमात्मार्पणंचेति नवाङ्गानि विदुर्बुधाः।उपाङ्गानिशिवे तस्या बहूनि कथितानि वै।। शिव जी सती से कहते हैं–हे देवि श्रवण, कीर्तन स्मरण सेवन दास्य …
12 ज्योतिर्लिंग 1- सोमनाथ ज्योतिर्लिंग सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भारत का ही नहीं अपितु इस पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह मंदिर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है। शिवपुराण के अनुसार जब चंद्रमा को दक्ष प्रजापति ने क्षय रोग होने का श्राप दिया था, तब चंद्रमा ने इसी स्थान पर तप कर इस श्राप से …
अभिमन्यु : अर्जुन के वीर पुत्र जो कुरुक्षेत्र युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुये।अम्बा : शिखन्डी पूर्व जन्म में अम्बा नामक राजकुमारी था।अम्बिका : विचित्रवीर्य की पत्नी, अम्बा और अम्बालिका की बहिन।अम्बालिका: विचित्रवीर्य की पत्नी, अम्बा और अम्बिका की बहिन। अर्जुन : देवराज इन्द्र द्वारा कुन्ती एवं पान्डु का पुत्र। एक अतुल्निय धनुर्धर जिसको श्री …
विष्णुपुराण विष्णुपुराण अट्ठारह पुराणों में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण तथा प्राचीन है। यह श्री पराशर ऋषि द्वारा प्रणीत है। इसके प्रतिपाद्य भगवान विष्णु हैं, जो सृष्टि के आदिकारण, नित्य, अक्षय, अव्यय तथा एकरस हैं। इस पुराण में आकाश आदि भूतों का परिमाण, समुद्र, सूर्य आदि का परिमाण, पर्वत, देवतादि की उत्पत्ति, मन्वन्तर, कल्प-विभाग, सम्पूर्ण धर्म एवं देवर्षि तथा राजर्षियों के चरित्र का विशद वर्णन है।भगवान विष्णु प्रधान होने के बाद भी यह पुराण विष्णु और शिव के अभिन्नता का प्रतिपादक …
श्रीमद भगवत गीता भारतीय महाकाव्य महाभारत से संस्कृत श्लोकों का एक संग्रह है। श्रीमद भगवत गीता महाभारत के भीष्मपर्व के 25 वें अध्याय से शुरू होती है। श्रीमद भगवत गीता भारतीय महाकाव्य महाभारत से संस्कृत श्लोकों का एक संग्रह हैभगवत गीता में कृष्ण और अर्जुन के बीच की बातचीत को चित्रित किया गया है। इसमें योद्धा अर्जुन …
शरद पूर्णिमा, जिसे कोजागरी पूर्णिमा व रास पूर्णिमा भी कहते हैं; हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा को कहते हैं। ज्योतिष के अनुसार, पूरे वर्ष में केवल इसी दिन चन्द्रमाँ सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। हिन्दू धर्म में इस दिन कोजागर व्रत माना गया है। इसी को कौमुदी व्रत भी कहते हैं …